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दिल्ली शराब घोटाला: केजरीवाल के बाद किसकी बारी? कैलाश गहलोत से ईडी ने पांच घंटे की पूछताछ

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कैलाश गहलोत से पांच घंटे हुई पूछताछ

शराब घोटाला मामले में आम आदमी पार्टी के कई नेता जेल में हैं। अब दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत से ईडी ने शनिवार को शराब नीति मामले में पांच घंटे तक पूछताछ की, जिसमें कथित तौर पर करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच चल रही है। इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल को ईडी ने पूछताछ के बाद हिरासत में भेज दिया था। कैलाश गहलोत उस मंत्री समूह का हिस्सा थे जिसने शराब नीति की योजना तैयार की और उसे क्रियान्वित किया था। ईडी ने कैलाश गहलोत को दूसरा समन जारी किया गया था और उन्होंने इसका जवाब दिया। मंत्री ने कहा कि वह पहले वाले में शामिल नहीं हुए क्योंकि उस समय दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही चल रही थी।

कैलाश गहलोत के घर में रह रहे थे विजय नायर

हाई-प्रोफाइल दिल्ली शराब घोटाला मामले में कैलाश गहलोत का नाम न केवल इसलिए आया क्योंकि वह शराब नीति के पीछे मंत्रियों के समूह का हिस्सा थे, बल्कि इसलिए भी क्योंकि वे आम आदमी पार्टी के विजय नायर सिविल लाइंस में उन्हें आवंटित किए गए बंगले में रह रहे थे। ईडी ने आरोप लगाया कि जिस समय में शराब नीति बनाई गई थी उस समय आम आदमी पार्टी के संचार प्रभारी विजय नायर मुख्यमंत्री के आवास के पास रह रहे थे और यह निवास आधिकारिक तौर पर कैलाश गहलोत का था।

ईडी की आज की पूछताछ पर कैलाश गहलोत ने बताया कि आज भी मैं कह रहा हूं कि, मुझे विजय नायर के मेरे घर पर रुकने के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। मैंने हमेशा कहा है कि मैं अपने सरकार द्वारा आवंटित बंगले में कभी नहीं रहा क्योंकि मेरी पत्नी और बच्चे वसंत कुंज से नहीं जाना चाहते थे। मैं कभी भी सिविल लाइंस में नहीं गया। मैंने यह बात सीबीआई को भी बताई है। 

‘मैं गोवा चुनाव प्रचार के बारे में कुछ नहीं जानता’

कैलाश गहलोत ने सवाल के जवाब में कहा कि वह कभी भी गोवा चुनाव अभियान का हिस्सा नहीं थे, जहां शराब घोटाले की कथित आय को बढ़ावा दिया गया था। कैलाश गहलोत ने कहा, ”मैं इस पर टिप्पणी नहीं कर सकता क्योंकि मैं कभी भी गोवा चुनाव अभियान की योजना का हिस्सा नहीं था।” उन्होंने कहा कि उनका सामना मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से नहीं हुआ था।




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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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