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पीएम मोदी से मिलने आ रहे एलन मस्‍क, क्‍या टेस्‍ला के लिए खुलेगा भारत का रास्‍ता, सरकार ने भी बनाया नया प्‍लान

हाइलाइट्स

टेस्ला के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एलन मस्क इसी महीने भारत आ रहे हैं.
अपनी भारत यात्रा के दौरान वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करेंगे.
इस दौरान मस्क भारत में टेस्ला की निवेश योजनाओं की भी घोषणा कर सकते हैं.

नई दिल्‍ली. लंबे समय से भारत में एंट्री की राह ताक रही टेस्‍ला का सपना शायद अब पूरा हो जाए. सरकार ने कुछ दिन पहले ही इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर नई नीति बनाई थी. अब खबर आ रही है कि टेस्‍ला के सीईओ एलन मस्‍क जल्‍द भारत आकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे. यह बात खुद एलन मस्‍क ने ट्विटर (एक्‍स) पर पोस्‍ट कर बताई है.

इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली अमेरिकी कंपनी टेस्ला के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एलन मस्क इसी महीने भारत आ रहे हैं. अपनी भारत यात्रा के दौरान वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात करेंगे. सूत्रों का कहना है कि इस दौरान मस्क भारत में टेस्ला की निवेश योजनाओं की भी घोषणा कर सकते हैं. एक सूत्र ने कहा कि महीने के तीसरे सप्ताह में होने वाली यात्रा के दौरान मस्क के साथ कंपनी के अन्य अधिकारी भी आ सकते हैं.

पहले ही बना लिया था मिलने का प्‍लान
पिछले साल जून में मस्क ने मोदी की अमेरिकी यात्रा के दौरान उनसे मुलाकात की थी. उस समय मस्क ने कहा था कि उन्होंने 2024 में भारत की यात्रा करने की योजना बनाई है. साथ ही उन्होंने विश्वास जताया था कि टेस्ला जल्द ही भारतीय बाजार में प्रवेश करेगी. टेस्‍ला लंबे समय से भारतीय बाजार में एंट्री की बाट जोह रही है, लेकिन टैक्‍स सहित कई मुद्दों पर बात नहीं बन सकी है.

सरकार ने बनाई है नई नीति
मस्‍क की आगामी भारत यात्रा से कुछ सप्ताह पहले ही सरकार ने एक नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति की घोषणा की है. इसके तहत देश में न्यूनतम 50 करोड़ डॉलर (करीब 4 हजार करोड़ रुपये) के निवेश के साथ विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने वाली कंपनियों को आयात शुल्क में रियायतें दी जाएंगी. सरकार के इस कदम का उद्देश्य टेस्ला जैसी प्रमुख वैश्विक कंपनियों को आकर्षित करना है.

क्‍यों फंसा था पेंच
टेस्‍ला ने पहले भारतीय बाजार में सीधे एंट्री की कोशिश की थी. इसका मतलब है कि चीन या अन्‍य देश में टेस्‍ला की कारें बनाकर उसे भारतीय बाजार में बेचने की तैयारी थी. सरकार इस पर भारी-भरकम आयात शुल्‍क लगा रही थी, जिसे मस्‍क कम कराने की कोशिश में थे. हालांकि, सरकार का तर्क था कि टेस्‍ला के वाहन भारत में ही बनाए जाएं, तभी इसे भारतीय बाजार में एंट्री मिलेगी.

Tags: Elon Musk, Pm narendra modi, Tesla, Tesla car




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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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