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क्‍या द‍िल्‍लीवालों का बंद नहीं हो रहा AC और कूलर? तीन हफ्ते में 60% तक बढ़ गई मांग, यही चलता रहा तो…

नई दिल्‍ली. देश की राजधानी दिल्‍ली में जहां 25 जून को होने वाले मतदान से पहले चुनावी पारा हाई है, वहीं, मौसम का मिजाज भी कुछ ज्‍यादा ही गर्म बना हुआ है. दिल्‍ली-एनसीआर सहित पूरा उत्‍तर भारत इस वक्‍त दिन के वक्‍त आग की भट्टी की तरह जल रहा है. ऐसे में बिजली की मांग में बेतहाशा बढ़ोतरी होना जाहिर है. इस वक्‍त दिल्‍ली में बिजली की मांग के सभी रिकॉर्ड टूट गए हैं. आलम यह है कि राजधानी में बिजली की खपत एक मई के मुकाबले अब लगभग 60 प्रतिशत तक बढ़ गई है. यही हाल रहा तो अगले कुछ दिनों में बिजली खपत का आंकड़ा नए कीर्तिमान बना सकता है.

सरकारी आंकड़ों के अनुसार एक मई को जहां राजधानी में बिजली की खपत 4,738 मेगावाट थी. वो बढ़कर 18 मई को 7,174 पहुंच गई. 20 मई को नए रिकॉर्ड बनाते हुए यह आंकड़ा 7,572 पहुंच गया. साल 2023 में बिजली की अधिकतम खपत 22 अगस्‍त को 7,438 मेगा वॉट थी. 2022 में 29 जून को यह 6,695 तक पहुंच गई थी. दो जुलाई 2021 को 7,326 मेगावॉट थी. इसी तर्ज पर 2020 में 29 जून को दिल्‍ली में बिजली की मांग 6,714 मेगावाट थी.

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जून में बिजली डिमांड का क्‍या होगा?
यहां गौर करने वाली बात यह है कि बीते चार सालों में बिजली की अधिकतम मांग के आंकड़े जून, जुलाई या अगस्‍त में रहे हैं. गर्मी ने अभी से दिल्‍ली वालों का दम फुलाना शुरू कर दिया है. ऐसे में अगर आगे भी इसी तर्ज पर गर्मी सितम ढहाती रही तो फिर जून या जुलाई में क्‍या होगा? जिस तेजी से बिजली की मांग दिल्‍ली में बढ़ रही है, अगर आगे भी ऐसे ही चलता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब राजधानी में एक दिन में अधिकतम बिजली की खपत का आंकड़ा 10 हजार तक पहुंच जाएगा.

Tags: Delhi news, Heat Wave, Hindi news


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एडवोकेट अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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