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पुड़िया की खातिर अपराध की दुनिया में कदम: गांजे का नशा बना नगर के लिए नासूर…

अभिषेक पटेरिया/ नौगांव

नौगांव / स्थिति इतनी गंभीर है कि युवा नाबालिक नशे की लत के आदि इस कदर हो चुके कि वे एक गांजे की पुड़िया की खातिर अपराध करने से भी नहीं कतराते नगर के ही एक ऐसे नाबालिक गांजा शौकीन के पिता ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि मेरा लड़का गांजे का नशा करता है इस बात की जानकारी 4 माह बाद तब हुई जब मेरे लड़के ने घर का ही सामान बेचना चाहा तो खरीददार ने खुद ही मुझे फोन पर बताया कि तुम्हारा लड़का सामान बेचने आया है तब जाकर मुझे हकीकत का पता चला कि गांजे की एक पुड़िया के लिए अपने ही घर में चोरी करने की कोशिश की जाती है युवक के पिता ने कहा कि अच्छा हुआ कि दूसरों के घरों में चोरी नहीं की वरना मैं तो मुंह दिखाने लायक भी नहीं रहता मैं पुलिस से निवेदन करता हूं कि ऐसे गलत कामों में लिप्त लोगों पर सख्त कार्यवाही करें ताकि दूसरे मां-बाप को यह सब ना देखना पड़े लेकिन पुलिस से यह उम्मीद रखना की कार्यवाही होगी उनकी मंशा पर सवाल उठाती है क्योंकि आज तक पुलिस ने ऐसी कार्यवाही नहीं की जिसकी चर्चा की जा सके

माफिया से कुख्यात माफिया का सफर

अनुपात हीन संपत्ति चर्चा मेंउत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव में रहने वाला यह सामान्य परिवार खेती कर जीवन यापन करने वाला कब इस अवैध कारोबार में शामिल हो गया और देखते ही देखते 20 सालों से सतत गांजा माफिया से कुख्यात गांजा माफिया बन गया शायद माफिया ने भी कभी ऐसा सोचा नहीं होगा माफिया के सफर पर गौर करें तो नौगांव सिविल अस्पताल के पीछे स्थित एक छोटे से खपरैल नुमा घर से यह धंधा शुरू किया और अपने शुरुवाती दौर में छोटे स्तर पर काम किया इस दौरान एक दो बार पुलिस ने कार्यवाही भी की लेकिन पुलिस हर बार सुविधा शुल्क लेकर जब्ती में गांजा की मात्रा कम दर्शा दिया करती थी और दो-तीन दिनों बाद माफिया बेल पर आता जाता रहा पुलिस का यही रवैया देख माफिया ने उत्तर प्रदेश से आने वाले गांजा कारोबारियों तक अपना लिंक बनाकर बड़ी मात्रा में गांजा लेना और बेचना शुरू कर दिया और इस अवैध गांजा कारोबार में गांजा माफ़िया को कुख़्यात गाजा माफिया बना दिया पहले की संपत्ति और आज की अनुपातहीन संपत्ति को फाइनेंसियल इन्वेटीगेशन की जाए तो ऐसे तथ्य सामने आएंगे जो जांच टीम को भी हैरत में डाल देगी इस का अंदाजा माफिया के आलीशान मकान चार पहिया वाहन से दो दो बाइक के साथ बिलासितापूर्ण जिंदगी जीने के सभी सामान मौजूद है इसके अलावा और भी संपत्ति का खुलासा होगा अगर जांच होती है तो आखिर इतनी आय एक 40000 हजार मूल्य के सामान से भरी दुकान से हो सकती हैं यह सोचनीय बात है जांच के दौरान व्यक्तिगत खातों पर भी गौर किया जाए तो पहले कितनी जमा निकासी थी और अब क्या है

*माफिया के आगे नेता अधिकारी व समाजसेवी सभी नतमस्तक*

पुलिस महकमे मैं भी बीते 20 सालों में कई जिला पुलिस अधीक्षक नौगांव में टी आई और आबकारी महकमे में कई अधिकारी आये और ग़ये लेकिन कोई जिम्मेदार अधिकारी गांजा माफिया के इस सतत चल रहे काले कारोबार पर पूर्णतया प्रतिबंध नहीं लगा पाये इतना ही नहीं राजनीतिक दलों के नेता हो या समाजसेवी संस्थाओं के कार्यकर्ता किसी ने भी इसके विरुद्ध कार्यवाही की मांग नहीं की जबकि सभी को पता है कि गांजा माफिया के नशे के नाम पर नाबालिक गांजा प्रेमियों को अपनी गिरफ्त में ले रहा है और नगर की शांति व्यवस्था के लिए खतरा है लेकिन वह दिन दूर नहीं जब यह गांजे का नशा नगर के लिए नासूर बन जाएगा तब तक बहुत देर हो चुकी होगी पुलिस व आबकारी विभाग के अधिकारी कितने लापरवाह इसका अंदाजा बीते 20 सालों में की गई कार्यवाही से लगाया जा सकता है हालात यह है कि लोगों को यह समझ रहे हैं कि गांजा शासकीय के मान्यता मिलने की तर्ज पर बिक रहा है !

अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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