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उप्र के बालू माफियों से लवकुशनगर एसडीएम की हुई टकरार, मप्र की सीमा रेखा में हो रहा था अवैध उत्खनन

लवकुशनगर। छतरपुर जिले की लवकुशनगर तहसील में रेत का अवैध कारोबार उप्र के बालू माफियों के द्वारा लगातार मप्र की सीमा में आकर किया जा रहा था। जिसको लेकर आए दिन प्रशासनिक विवाद की स्थिति निर्मित हो रही थी। आज लवकुशनगर एसडीएम और उप्र के अधिकारी सीमा रेखा को लेकर आमने सामने आ गए। हर्रई बालू खदान में सीमा रेखा को लेकर मप्र और उप्र के बालू ठेकेदारों के बीच में विवाद रहता है। जिसके चलते आए दिन गोली चलाई जाती हैं। जिसको लेकर भी इसके पूर्व के कलेक्टरों ने दौरा किया और उप्र के बालू माफियो के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने का कदम उठाया था। लवकुशनगर एसडीएम ने आज उप्र के बालू माफियों को कड़ी फटकार लगाई और यह तय हुआ कि मंगलवार को मप्र और उप्र की सीमा को नापा जाएगा। लवकुशनगर के एसडीएम राकेश परमार और नरेनी के एसडीएम दोनों की मौजूदगी में मामले को शांत कराया गया। इस अवसर पर चंदला तहसीलदार रनमत सिंह, खनिज निरीक्षक अशोक द्विवेदी, गौरिहार थाना प्रभारी अरविंद दांगी, चंदला थाना प्रभारी एल त्रिवेदी, वंशिया थाना प्रभारी देवेन्द्र यादव और लवकुशनगर के आरआई पटवारी मौजूद थे। लवकुशनगर में रेत के अवैध कारोबार से जुड़े सभी रेत माफियों ने आज दिनभर हडकंप मचा रहा। इसके पूर्व में भी लवकुशनगर क्षेत्र में कई बार रेत खदानें एवं डंप को लेकर विवाद की स्थिति बनती रही। कुल मिलाकर लवकुशनगर क्षेत्र में रेत का अवैध कारोबार उप्र के बालू माफियों की सय पर चल रहा है। और मप्र सरकार को लाखों रुपए का चूना लग रहा है। खनिज विभाग की मौन स्वीकृति होने के कारण उप्र के रेत माफियों मप्र में सक्रिय हैं। 

अरविन्द जैन

संपादक, बुंदेलखंड समाचार अधिमान्य पत्रकार मध्यप्रदेश शासन

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