‘मिस्टर एंड मिसेज माही’ से अपोजिट है इस कपल की स्टोरी, यहां पत्नी ने थामा पति का हाथ और बना दिया क्रिकेटर The story of this cricketer couple from Godda is completely opposite to Mr. and Mrs. Mahi. The wife made her husband a cricketer.

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गोड्डा. फिल्म ‘मिस्टर एंड मिसेज माही’ में जहां पति अपनी पत्नी को क्रिकेटर बनाने में मदद करता है, तो झारखंड के गोड्डा की रियल लाइफ स्टोरी में यह भूमिका एक मूक बधिर पत्नी ने निभाई है. पत्नी ने अपने मूक बधिर पति को इशारों से प्रेरित किया. इसके बाद पति की सफलता प्रेक्टिस ग्राउंड से नेशनल क्रिकेट मैच तक पहुंच गई. इन दिनों इस कपल की सफलता की कहानी सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रही है. यह कपल गोड्डा के महागामा के रहने वाले है और दोनों पति-पत्नि अमित चक्रवर्ती और कृष्णा चक्रवर्ती मूकबधिर (सुनने और बोलने में सक्षम नहीं) हैं.
अमित चक्रवर्ती बचपन से ही मूकबधिर हैं. इसका एहसास जब अमित की मां अपर्णा चक्रवर्ती और पिता बासुकीनाथ चक्रवर्ती को हुआ तो वे अमित के भविष्य को लेकर बहुत परेशान रहने लगे. इसके बाद अमित के बड़े भाई आशुतोष चक्रवर्ती ने अपने माता पिता से अमीत का नामांकन पश्चिम बंगाल के डॉ शैलेंद्र नाथ मुखर्जी मुख-बधिर विद्यालय में कराया, जिस विद्यालय में अमित की दोस्ती कृष्णा से हुई.
कृष्णा ने दिया अमित का साथ
स्कूल में पढ़ाई के दौरान ही कृष्णा की बातों से अमित क्रिकेट के क्षेत्र में कुछ करने की सोचने लगे. और बल्ला खरीद कर खेलना शूरू कर दिया. कुछ दिन बाद अमित अच्छा खेलने भी लगे. वहीं जब भी अमित चौका या छक्का मारते तो कृष्णा ताली बजा कर अमित के हौसले को बढ़ाती, और इशारों इशारों में उन्हें बताती थी कि तुम्हें सचिन तेंदुलकर की तरह देश के लिए खेलना है.
स्कूल टाइम से ही जब भी अमित किसी क्रिकेट मैच खेलने जाते तो कृष्णा भी उनके साथ जाती और अमित को चौके छक्के लगाने के लिए इशारों से प्रेरित करती. इसके बाद अमित की दिलचस्पी क्रिकेट में बढ़ने लगी, और अमित एक के बाद एक स्कूल से लेकर हर बड़े मैच में सफलता हासिल करते चले गए.
2011 में हुई दोनों की शादी
अमित चक्रवर्ती की शादी कृष्णा चक्रवर्ती से 2011 में हुई. उनका अभी 12 वर्ष का बेटा अपूर्वा चक्रवर्ती भी है, जो पूरी तरह से स्वस्थ है. वहीं शादी के बाद भी कृष्णा चाहती थी कि उनके पति नेशनल क्रिकेट खेलें और यह बात अमित के बड़े भाई आशुतोष चक्रवर्ती को इशारे में बताई. इसके बाद आशुतोष चक्रवर्ती ने मूक बधिर क्रिकेट नेशनल गेम के बारे में पता लगाया, जिसके बाद अमित ने नेशनल क्रिकेट खेलने की ठानी.
वर्तमान में भी अमीत काफ़ी अच्छे खिलाड़ी हैं और झारखंड डेफ क्रिकेट एसोसिएशन के कैप्टन के रुप में प्रतिनिधित्व करते हुए कई नेशनल क्रिकेट मैच खेल कर राज्य को मेडल और कप दिलवा चुके हैं. झारखंड की टीम पटना, हैदराबाद, अहमदाबाद, भुवनेश्वर, कोलकाता, नई दिल्ली, गुवहाटी के साथ कई राज्यों के नेशनल क्रिकेट मैच में विनर हुई है. हाल ही में 2 वर्ष पहले हुए टी-20 नेशनल क्रिकेट मैच में बेस्ट रनर- अप रही और अब भी कई नेशनल खेल में लगातार शामिल होती आ रही है.
अमित का सफर
अमित ने 29 जनवरी 2013 को सिकंदराबाद में आयोजित फर्स्ट नेशनल डेफ टी 20 क्रिकेट टूर्नामेंट में भाग लिया. इसके बाद 9 फरवरी 2016 से लेकर 11 फरवरी 2016 तक चलने वाले फर्स्ट ईस्ट जोन डेफ क्रिकेट टूर्नामेंट मेकन स्टेडियम रांची में भी मैच खेला, वहां पर रनर रहे. इसके बाद अहमदाबाद में आयोजित मार्च 2020 में 4th ईस्ट जोन टी 20 क्रिकेट चेंपियनशिप में द्वितीय विजेता ट्राफी हंसिल कराई. मार्च 2022 में पटियाला पंजाब में 5th ईस्ट जोन टी 20 क्रिकेट चेंपियनशिप में द्वितीय श्रेणी ट्राफी हासिल की. मार्च 2023 में बोलपुर शांतिनिकेतन पश्चिम बंगाल में हुए 6th ईस्ट जोन टी 20 क्रिकेट चेंपियनशिप में तृतीय श्रेणी ट्राफी हासिल की. वहीं आने वाले अक्टूबर माह में भी अमित जम्मू कश्मीर में होने वाले T20 क्रिकेट चैंपियनशिप में हिस्सा लेंगे.
इशारों में पत्नी का धन्यवाद
इसके अलावा भी मूक बधिर के लिए आयोजित होने वाले अनेकों मैच को अमित ने खेला है और ट्रॉफी भी जीती है. इशारों में ही अमित अपनी पत्नी को बार-बार कहते हैं कि उनकी ही वजह से वह आज इस मुकाम तक पहुंच पाए हैं.
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FIRST PUBLISHED : September 4, 2024, 13:15 IST
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